भारतीय सेना में रैंक एवं पद। Rank in Indian army

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Rank in indian army: भारतीय सेना अपने अनूठे और शासन कार्यों के लिए पूरे विश्व भर में जानी जाती है। आज इंडियन आर्मी विश्व की सबसे ताकतवर सेवाओं में से एक है जिन्होंने अपने पराक्रम एवं शौर्य से एक बड़ा नाम कमाया है। आज हम बात करने जा रहे हैं Indian army के विभिन्न श्रेणियां तथा highest rank in indian army, lieutenant rank in indian army, captain rank in indian army, major rank in indian army, lowest rank in indian army के बारे में जो रैंक के हिसाब से विभिन्न पदों के रूप में स्थापित किए गए हैं।

भारतीय सेना में सेवा देने के लिए भारत के प्रत्येक युवा की आकांक्षा रहती है। भारतीय सेना ने अपने अद्भुत शौर्य के साथ देश को विभिन्न चुनौतियों से उबारा है।

हर साल 15 जनवरी को भारतीय सेवा दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारत के पहले फील्ड मार्शल केएम करिअप्पा भारतीय सेना के प्रमुख बने थे। वैसे तो इंडियन आर्मी की वर्दी एक समान होती है लेकिन उनके रैंक अलग-अलग होते हैं जिनकी पहचान उनके कंधे पर लगे बैज एवं विभिन्न सम्मानों से किया जाता है। आईए जानते हैं इंडियन आर्मी में कौन-कौन सी रैंक होती है और कितने तरह के ऑफिसर्स को तैनात किया जाता है।

इंडियन आर्मी को उनके पद के अनुसार तीन कैटेगरी में रखा गया है।

  • सीनियर कमीशन्ड ऑफिसर (senior commissioned officer) – फील्ड मार्शल से लेकर लेफ्टिनेंट तक
  • जूनियर कमीशन्ड ऑफिसर (junior commissioned officer)- सूबेदार मेजर से नायब सूबेदार तक
  • नॉन कमीशन्ड ऑफिसर (non- commissioned officer)- हवलदार नायक से लेकर सिपाही तक

फील्ड मार्शल (field marshal)

यह highest rank in indian army यानि की इंडियन आर्मी का सर्वोच्च पद है जो रेगुलर ड्यूटी के लिए नहीं बल्कि एक सम्मान के रूप में दिया जाता है। आज तक केवल दो ही व्यक्तियों को फील्ड मार्शल का पद प्राप्त हुआ है। पहले फील्ड मार्शल थे कि के एम करिअप्पा एवं दूसरे फील्ड मार्शल थे सैम मानेकशॉ। इन दोनों वीरों की अपनी अपनी शौर्य गाथाएं हैं। इन्होंने इंडियन आर्मी के फील्ड मार्शल के रूप में एक अहम किरदार निभाए हैं। फील्ड मार्शल के यूनिफॉर्म के बैज में  एक डंडे एवं एक तलवार का क्रॉस चिन्ह, भारत का राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ एवं फाइव स्टार लगे हुए हैं।

जनरल (GENERAL)

यह इंडियन आर्मी में दूसरा सबसे सर्वोच्च पद है। फील्ड मार्शल के पद को निरस्त किए जाने के बाद अब यह इंडियन आर्मी का सबसे सर्वोच्च पद बन गया है। इसे आर्मी का कमांडर इन चीफ (commander in chief) कहा जाता है। इनके बैज में तलवार एवं डंडे का क्रॉस, एक स्टार एवं भारत का प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ लगा होता है। इनका कार्यकाल 3 साल या फिर 62 वर्ष की उम्र तक होता है।

लेफ्टिनेंट जनरल (lieutenant general)

यह इंडियन आर्मी में दूसरा सबसे सर्वोच्च अधिकारी होता है। इनके यूनिफॉर्म में लगे बैज पर डंडे एवं तलवार का एक क्रॉस चिन्ह एवं भारत का राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ लगा होता है।

मेजर जनरल (mejor general)

लेफ्टिनेंट जनरल के बाद मेजर जनरल का पद होता है। यह ब्रिगेडियर के ऊपर के अधिकारी होते हैं। इनके यूनिफॉर्म पर लगे बैज में तलवार एवं डंडे का क्रॉस और वन स्टार लगा होता है।

ब्रिगेडियर (brigadier)

ये मेजर जनरल एवं कर्नल के बीच का अधिकारी होते है। इनके यूनिफॉर्म पर लगे बैज में त्रिकोणीय रूप से 3 स्तर एवं भारत का राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ लगा होता है।

कर्नल (colonel)

ये ब्रिगेडियर एवं लेफ्टिनेंट कर्नल के बीच के अधिकारी होते हैं। इनके यूनिफॉर्म पर लगे बैज में दो स्टार एवं राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह लगा होता है।

लेफ्टिनेंट कर्नल (lieutenant Colonel)

लेफ्टिनेंट कर्नल मेजर से ऊपर का पद होता है। यह भारतीय सेवा में बटालियन से संबंधित एक विशेष महत्वपूर्ण पद होता है। इनके यूनिफॉर्म में लगे बैज में वन स्टार और राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ होता है।

मेजर (major)

मेजर लेफ्टिनेंट कर्नल से नीचे का पद होता है इनके यूनिफॉर्म में लगे बैज में राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ लगा होता है।

कैप्टन (captain)

इंडियन आर्मी में कैप्टन का कार्यकाल 2 वर्षों के लिए होता है। ये पदोन्नति अधिकारी होते हैं। इनका यूनिफॉर्म में लगे बैज पर 3 स्टार लगे होते हैं।

लेफ्टिनेंट (lieutenant)

लेफ्टिनेंट 40 से 50 सैनिकों की एक बटालियन का नेतृत्व करते हैं। इनके यूनिफॉर्म पर लगे बैज में डबल स्टार होते हैं।

सूबेदार मेजर

सूबेदार मेजर का पद जूनियर अधिकारी पद में सबसे बड़ा पद होता है। इनके बैज पर राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ एवं दो लाल पट्टी के बीच एक पीली पट्टी होती है।

सूबेदार

इनके यूनिफॉर्म बैज पर डबल स्टार एवं दो लाल पट्टी के बीच एक पीली पट्टी होती है।

नायब सूबेदार

यह हवलदार के ऊपर का रैंक है इनके बैज में सिंगल स्टार होते हैं एवं दो लाल पट्टी के बीच एक पीली पट्टी होती है।

हवलदार

हवलदार की यूनिफॉर्म में लगे बैज पर V आकर के स्ट्रिप तीन पट्टियों में लगी होती है।

नायकनायक की यूनिफॉर्म में लगे बैज पर V आकर के स्ट्रिप दो पट्टीयों में लगी होती है।

लांस नायक

लांस नायक के यूनिफॉर्म बैज पर V आकर की स्ट्रिप एक पट्टी में लगी होती है।

सिपाही (lowest rank in indian army)

सिपाही, lowest rank in indian army यानि की इंडियन आर्मी में सबसे अंतिम पद होता है। इनके यूनिफॉर्म बैज में कोई चिह्न नहीं लगा होता है।

नोट- उपरोक्त दिए गए विवरण में आर्मी के रैंक का क्रम ऊपर से नीचे घटते क्रम में है। भारतीय पुलिस की तरह सेना के सबसे निचले क्रम के जवान को सिपाही ही कहा जाता है। इनके बैज पर कोई चिह्न नहीं होता है।

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