Poshan Abhiyaan 2023: पोषण अभियान, राष्ट्रीय पोषण मिशन, उद्देश्य एवं विशेषताएं

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Poshan Abhiyaan 2023: राष्ट्रीय पोषण अभियान भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है जिसकी शुरुआत 8 मार्च 2018 को की गई थी। पोषण अभियान भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जो भारत में कुपोषण को दूर करने हेतु शुरू किया गया है। गौरतलब है कि भारत की जनसंख्या में बच्चों एवं महिलाओं की आबादी 67% है। उनके सशक्तिकरण के लिए एक संरक्षित और संतुलित माहौल की जरूरत पड़ती है एवं उनका सकारात्मक विकास करना राष्ट्र का कर्तव्य होता है। सरकार ने समय-समय पर बच्चों एवं महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पोषण अभियान उनके सशक्तिकरण के लिए शुरू किया गया है जो उनमें कुपोषण समस्याओं से निपटने में कारगर साबित होगा। भारत में कुपोषण को दूर करने के लिए सरकारी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम, मातृत्व वंदना योजना आदि अनेक अभियान चलाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय पोषण मिशन इन अभियानों में से एक है जो कुपोषण को दूर करने में सहायता करता है।

पोषण अभियान का उद्देश्य

  • पोषण अभियान 0 से 6 वर्ष के बच्चे, दूध पिलाने वाली माताओं, प्रेग्नेंट महिलाओं एवं किशोरियों में पोषण को सुनिश्चित करते हैं।
  • हमारे देश में बच्चों में स्टंटिंग की समस्या देखने को मिलती है। उम्र की हिसाब से बच्चों में हाइट का ना होना स्टंटिंग कहलाता है। पोषण अभियान का उद्देश्य बच्चों में स्टटिंग को दूर करना है।
  • पोषण अभियान का उद्देश्य बच्चों में अंडर वेट की समस्या को दूर करना है। किसी बच्चे की उम्र के हिसाब से उसका वजन ना होना अंडरवेट की कैटेगरी में आता है।
  • पोषण अभियान का उद्देश्य महिलाओं में एनीमिया की समस्या को दूर करना है। जब किसी व्यक्ति में खून की कमी हो जाती है तो उसे एनीमिया कहते हैं। यह अक्सर भोजन में पोषक तत्व की कमी से होता है।
  • 11 से लेकर 19 साल तक की किशोरियों का विशेष ध्यान रखा गया है। इस अभियान के तहत किशोरियों में पोषण की समस्या को दूर करना है।

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पोषण अभियान का महत्व

भारत के सर्वांगीण एवं सतत विकास के लिए राष्ट्रीय पोषण अभियान जैसे कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है जो लोगों में पोषण को सूचित करता है।

  • भारत की एक बड़ी आबादी आज भी कुपोषण जैसी समस्याओं से ग्रसित है जिसमें खासकर महिलाएं एवं बच्चे शामिल है। इसलिए पोषण अभियान एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।
  • दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति को पोषण युक्त भोजन मिलनी चाहिए। कुपोषण मानव अधिकार के गुणों से वंचित करता है।
  • सर्वांगीण विकास और मानव विकास सूचकांक में कुपोषण एक बहुत बड़ी बात है। जिसे बिना दूर की है मानव विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है।
  • कुपोषण और बुनियादी अभाव लोगों में कुंठा को जन्म देती है जो हमारे देश के लिए घातक साबित हो सकता है।
  • पोषण अभियान में महिलाओं एवं पुरुषों की भागीदारी होनी चाहिए ताकि इस अभियान का बेहतर तरीके से कार्यान्वयन किया जा सके और अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभ मिल सके।

निष्कर्ष

हमारे देश में महिलाएं एवं बच्चे कुल आबादी के 67% इस तरह इनके सर्वांगीण विकास के बिना भारत के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है अतः पोषण अभियान एक सरकार का महत्वपूर्ण योजना है जो महिलाओं और बच्चों में पोषण को सुनिश्चित करता है।

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