Extra Marital Affairs: शादी के बाद अवैध संबंध, जानिए क्या है इसके लिए सजा

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Extra Marital Affairs: नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका हमारे नए ब्लॉग में। आज के इस ब्लॉग में हम शादीशुदा जिंदगी में होने वाले समस्याओं के बारे में जानने वाले हैं जो है, Extra Marital Affairs.

अगर कोई पति पत्नी का शादी अस्तित्व में है एवं उनके बीच तलाक या विधवा वगैरह नहीं है और वह अपने पति या पत्नी के अलावा किसी और इंसान के साथ फिजिकल रिलेशनशिप स्थापित करता है तो क्या यह दंडनीय है? इसे किस तरह का अपराध माना गया है तथा दोषी पाए जाने पर किस तरह के सजा का प्रावधान है।

Extra Marital Affairs – एक पुरुष को पत्नी के अलावा अफेयर हो तो

अगर एक पुरुष अपनी पत्नी के अलावा किसी और इंसान के साथ सेक्सुअल इंटरकोर्स, फिजिकल रिलेशनशिप या लव अफेयर्स जैसे मामलों में संलग्न है तो उसकी यह गतिविधि उसकी पत्नी के लिए मानसिक क्रूरता मानी जाएगी। अगर साधारण शब्दों में कहा जाए तो उसकी यह गतिविधि उसके पत्नी पर मानसिक दबाव पैदा करेगा और यह माना जाएगा की पति पत्नी पर मानसिक उत्पीड़न कर रहा है एवं IPC की धारा 498A के तहत पति को दोषी माना जाएगा।

IPC 498A

अगर कोई पति या कोई रिश्तेदार महिला पर किसी चीज को लेकर दबाव बनाते हैं जिससे महिला के जिंदगी को खतरा महसूस होता है या फिर उसे चोट पहुंचाने, मारने पीटने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसी सारी गतिविधियां आईपीसी की धारा 498 ए के तहत आता है और वे दोषी पाए जाते हैं। अगर कोई महिला इन सब चीजों का शिकार होती है तो वह केस फाइल कर सकती है, डाइवोर्स दे सकती है या फिर फुट का दरवाजा खटखटा सकती है।

497(adultery)

अगर कोई पुरुष किसी शादीशुदा महिला से उसके पति के बिना परमिशन के फिजिकल रिलेशनशिप स्थापित करता है तो वह IPC की धारा 497 के तहत भी दोषी पाया जाता है। लेकिन इस धारा में बहुत बड़ी कमी देखी गई कि कोई पति अपनी पत्नी को क्यों परमिशन देगा किसी के साथ फिजिकल रिलेशनशिप स्थापित करने में, पत्नी कोई वस्तु थोड़ी ना है जो पूरी तरह से हस्बैंड की कंट्रोल में होगी। आईपीसी का यह धारा संविधान के अनुच्छेद 14 जो समानता का अधिकार देता है, अनुच्छेद 15 जो लिंग आधारित भेदभाव प्रतिबंधित करता है, अनुच्छेद 21 जो प्रत्येक नागरिक को जीने का तथा प्राइवेसी का अधिकार देता है, का पूरी तरह से उल्लंघन करता है। विशेषज्ञों एवं जजों के समूह प्रयास से आईपीसी की धारा को  संवैधानिक करार दिया गया और इसे पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया।

आईपीसी की धारा 497 निरस्त होने के बाद यह मांग होने लगी की यदि कोई महिला या पुरुष अपने पति या पत्नी के अलावा किसी और इंसान के साथ फिजिकल रिलेशनशिप स्थापित करते तो इस केस में दोनों लोगों को सजा होनी चाहिए।

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एक महिला का पति के अलावा अफेयर हो तो

आपके मन में एक सवाल उठ रहा होगा कि अगर कोई महिला अपने पति के अलावा किसी अन्य इंसान के साथ फिजिकल रिलेशनशिप स्थापित करती है या लव अफेयर्स हो तो क्या महिलाओं को भी सजा का प्रावधान है।

अगर एक महिला अपने पति के अलावा किसी और इंसान के साथ रिलेशनशिप स्थापित करती है तो उसके लिए कोई सजा का प्रावधान नहीं है।

ऐसा माना जाता है की महिलाएं पीड़ित होती है और पुरुष चलाक होते हैं जो महिलाओं को बहला फुसलाकर इस तरह के काम के लिए प्रेरित करते हैं।

हालांकि अब इस तरह के कानून बनाने के लिए आवाज उठाने लगी है की अवैध संबंध स्थापित करने वाले पुरुष एवं महिला दोनों के लिए सजा का प्रावधान हो। उम्मीद करते हैं आपको इस लेख में दी गई जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण होगी।

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